पिता और पुत्र के क्रिकेटिंग करियर के बारे में कितना जानते हैं आप?

हर पिता चाहता है कि उसका बेटा उनसे भी आगे निकले । समाज में अपना अलग रूतबा बनाए जिसके वजह से लोग उन्हें जानें । हालांकि कई बार पिता की ये ख्वाहिश पूरी नहीं हो पाती है । क्रिकेट के पिच पर भी कुछ ऐसे दिग्गज क्रिकेटर हैं जिन्होंने अपने करियर के दौरान कई बुलंदिया छुई ।

आईए इसी क्रम में एक नजर डालते हैं पिता और पुत्र के क्रिकेटिंग करियर पर:

1) रोहन गावास्कर

विश्व के महान क्रिकेटरों में से एक सुनील गावास्कर के नाम से कौन नहीं परिचित है । गावास्कर के नाम टेस्ट क्रिकेट में 10000 रन बनाने का अनूठा रिकॅार्ड उनके नाम है । बता दें कि लिटिल मास्टर ने 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में डेब्यू किया था । लेकिन पिता के इस विरासत को उनके पुत्र रोहन आगे नहीं बढ़ा पाएं ।

रोहन ने बंगाल के लिए 13 साल क्रिकेट खेला । वहीं उन्होंने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में 2004 में डेब्यू किया और उसी साल उन्होंने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया । उन्होंने भारत के लिए 11 वनडे खेला । जिसमें वो मात्र 151 रन बनाने में कामयाब हो पाए । इस दौरान रोहन के नाम 1 अर्धशतक भी है । रोहन भी पिता की तरह रिटायरमेंट के बाद कमेंटरी अपना करियर अजमाया । लेकिन वो यहां पर भी कुछ खास कर नहीं पाएं ।

2) मंसूर अली खान पटौदी

मंसूर अली खान पटौदी और उनके पिता इफतीकार अली खान पटौदी भी इंडिया के लिए खेल चुके हैं । इफतीकार खान के बारे में बात करे तो उन्होंने इंग्लैंड और भारत दोनों के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं । इंग्लैंड के लिए 1932-34 तक खेला है । तो वहीं भारत के लिए उन्होंने 1946 में टीम की कमान संभाली थी । मंसूर अली खान के बारे में बात करे तो वो आजाद भारत के सबसे युवा कप्तान थे । उन्हें राष्ट्रीय टीम की कमान 21 साल में सौंप दी गई थी । 1952-1971 तक उन्होंने देश के लिए कई टेस्ट मैच खेले ।

3) स्टुअर्ट बिन्नी

भारत के पूर्व आलराउंड रॅाजर बिन्नी के क्रिकेट प्रतिभा के बारे में कौन नहीं जानता । बता दें कि उन्होंने अपने करियर के दौरान 27 टेस्ट और 72 वनडे मैच खेले । रॅाजर का करियर छोटा था । लेकिन इस दौरान उन्होंने कई कीर्तिमान स्थापित किए । रॅाजर अपने जमाने के बेहतरीन क्रिकेटर थे । लेकिन उनके नख्शे कदम पर उनका बेटा स्टुअर्ट चल ना सका ।

स्टुअर्ट ने भारत के लिए 14 वनडे और 6 टेस्ट खेले हैं । लेकिन वो भी इस दौरान कुछ खास कर पाने में असफल रहे । हालांकि स्टुअर्ट डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार अपनी किस्मत अजमा रहे हैं । लेकिन वो अब तक यहां पर पैर जमाने में कामयाब नहीं हो पाएं हैं ।

4) अनिरुद्ध श्रीकांत

भारत के महान बल्लेबाजों में से एक कृष्णामचारी श्रीकांत को कौन नहीं जानता वो बल्लेबाज जिन्होंने अपने क्रिकेटिंग करियर में अच्छे-अच्छे गेंदबाजों को पसीने छोड़वा दिए थे । लेकिन पिता की पदचिन्हों पर बेटा चल पाने में असफल रहा ।

श्रीकांत ने अपने करियर में 43 टेस्ट मैचों में 2062 रन वहीं 146 वनडे  में उनके नाम 4091 रन है । वहीं अनिरूद्ध के बारे में बात करे तो उन्होंने महज 16 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया था । उन्होंने तमिलनाडु के लिए खेलते हुए 23 मैचों में में 29.45 की औसत से 1031 रन बनाए हैं । लेकिन इसके अलावा वो अपने क्रिकेटिंग करियर में कुछ खास कारनामा कर नहीं पाए ।

5) मोहिंदर अमरनाथ

मोहिंदर अमरनाथ के पिता लाला अमरनाथ स्वतंत्र भारत के पहले क्रिकेटर थे । जिन्होंने भारत के लिए अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे पहला शतक लगाया था । लाला को उनके करियर के दौरान पद्म भूषण पुरस्कार से नवाजा जा चुके है । उनके बेटे मोहिंदर अमरनाथ भी उन्हीं के श्रेणी के क्रिकेटर थे ।

बता दें कि मोहिंदर ने भारत को 1983 विश्व कप जीताने में अहम भूमिका निभाई थी । उन्हें इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए मैन आफ द सीरीज के पुरस्कार से भी नवाजा गया था । लाला अमरनाथ के अन्य पुत्र भी क्रिकेटर रह चुके हैं । महान बल्लेबाज के देहांत पर उस समय के भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें भारत का क्रिकेटिंग आइकन का खिताब दिया था ।

6) अर्जुन तेंदुलकर

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को कौन नहीं जानता । तेंदुलकर ने अपने करियर के दौरान कई कीर्तिमान स्थापित किए है । भारत के इस महान बल्लेबाज के नाम इंटरनेशल क्रिकेट में 34,000 रन हैं । तेंदुलकर भारत के लिए 450 से भी ज्यादा वनडे खेल चुके हैं । वहीं उनके सुपुत्र अर्जुन तेंदुलकर भी उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे हैं । हालांकि अर्जुन ने अपने करियर की शुरुआत बतौर तेज गेंदबाज की है ।

हाल ही में आयोजित कुच बिहार ट्रॅाफी में उन्होंने मुंबई के लिए खेलते हुए दिल्ली के खिलाफ 5 विकेट झटके हैं ।

7) युवराज सिंह

युवराज सिंह को भला कौन नहीं जानता । भारत को 2007 और 2011 विश्वकप जीताने मे अहम भूमिका निभाई थी । वहीं उनके पिता योगराज सिंह भी भारत के लिए खेल चुके हैं । उन्होंने देश के लिए 1 टेस्ट और 6 वनडे खेला है । साथ ही उनको गेंदबाज के रूप में भी जाना जाता है ।

8) संजय मांजरेकर

भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर के पिता विजय मांजरेकर अंतराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर रह चुके हैं । विजय ने देश के लिए 55 टेस्ट खेल चुके हैं । वहीं संजय की बात करे तो वो राष्ट्रीय टीम के लिए 10 वनडे औऱ 66 टेस्ट खेल चुके हैं ।

9) माली रिचर्ड्स

वेस्टइंडीज क्रिकेट को एक समय पर बुलंदियों पर पहुंचाने में सर विवियन रिचर्ड्स ने अहम भूमिका निभाई थी । लेकिन उनके बेटे माली रिचर्ड्स  इस खेल में कुछ खास करने में कामयाब नहीं हो पाए । एक तरह जहां सर रिचर्ड्स ने अपने करियर के दौरान 121 टेस्ट मैच खेलते हुए 8540 रन बनाए थे । वहीं वनडे क्रिकेट में रिचर्ड्स के नाम 6721 रन है । जिसमें उनके नाम 69 शतक है । रिचर्ड्स चाहते थे । उनके पुत्र माली भी उनकी तरह क्रिकेट खेले ।

माली ने अपने छोटे से करियर के दौरान इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी के लिए खेला । बाद में माली को कुछ साल तक काउंटी क्रिकेट में भी खेलता देखा गया । लेकिन माली को इस दौरान विंडीज की टीम का खेलना का मौका कभी नहीं मिला।

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